ग़ज़ल

ये दुनिया में भेड़चाल क्यों है
सवाल है की सवाल क्यों है

नही है जब तो कहो नही भी
है हाल ये तो ये हाल क्यों है

वो वस्ल की बात पे है ठिठकी
न पूछो रुखसार लाल क्यों है

चली ही जाती है इक कहानी
वो साल हर एक साल क्यों है

नाराज भी तुम होती नही हो
नही मुझे भी मलाल क्यों है

नही है जिनका खुदा है उनका
मिसाल भी ये मिसाल क्यों है

नवाब

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