जख्म हालातों के
जख्म हालातों के भर जायेंगे क्या छोड़ आये हैं जो घर जाएंगे क्या कश्मकश में आजकल हर जिंदगी लोग हद से अब गुजर जाएंगे क्या माना की सबसे बहादुर हम नही तुम डराओगे तो डर जाएँगे क्या वो सलीके से है बातें कर रही माने की रिश्ते बिखर जाएंगे क्या दूर तुम भी हो नही हम भी नही फासले अपने मगर जाएंगे क्या