इन लव विथ टोक्यो
रफ़ी साहब का एक गाना है। सिनेमा का नाम था लव इन टोक्यो । वैसे तो इस पिक्चर का हर गाना ही अच्छा है। पर दो गाने मुझे खास तौर पर पसंद आते हैं। पहला गाना है जो लता जी ने गाया ।" कोई मतवाला आया मेरे द्वारे", दूसरा गाना है "आजा रे आ ज़रा" । इस गीत में खूबियों की क्या बात की जाए। बहुत सारी हैं। सबसे पहला क्रेडिट जाता है शंकर जयकिशन साहब को , जिनकी म्यूजिक का मैं बहुत बड़ा फैन हूँ । अपने जमाने के हिसाब से बहुत ही आगे की और ज़बरदस्त म्यूजिक इस जोड़ी ने तैयार की। शंकर जैकिशन को यू समझिये की जैसे बाहुबली प्री एरा और बाहुबली पोस्ट एरा । ऐसा नही था कि शंकर जयकिशन के पहले अच्छी म्यूजिक नही दी जा रही थी लेकिन इन्होंने म्यूजिक का कैनवास बदल के रख दिया । भारतीय संगीत में ऑरकेस्ट्रा का लाया जाना शंकर जयकिशन की देन है। अब म्यूजिक में सिर्फ तबला और हारमोनियम ही नही थे बैकग्राउंड में चालीस चालीस वायलिन बज रहे होते थे ,आठ नौ टाइप के परकशन चल रहे थे, सेलो और पियानो जैसे अपारंपरिक वाद्य यंत्रों का यूज़ शंकर जयकिशन ने अपने संगीत में बख़ूबी किया । जब बाकि संगीतकार धुने बना रहे थे तो शंकर जयकिशन सिम...